जानकार सूत्र, करीब छह माह तक योजना बनाने के बाद दिया घटना को अंजाम
कैफे संचालक शिवा शर्मा हत्याकांड का मामला
ए अहमद सौदागर लखनऊ। इस हाई प्रोफाइल कैफे संचालक शिवा शर्मा हत्याकांड ने न केवल पुलिस को मुश्किल में डाला, बल्कि सरकार को भी परेशान किया। लिहाजा फरार चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और चालक तनवीर उर्फ दानिश की गर्दन दबोचने के लिए पुलिस अफसरों सहित इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस में माहिर हाईटेक पुलिसकर्मियों को जुटाने के साथ यूपी एसटीएफ की भी मदद ली गई।
शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपित मॉडल श्रद्धा दुबे खाकी वर्दी वालों से बचने के लिए तरह-तरह का पैंतरा अख्तियार किया और नेपाल से लेकर महाराष्ट्र तक पहुंचने के बाद ठिकाने बदल रही थी कि सर्विलांस के माहिर पुलिसकर्मी जाल बिछाना शुरू ही किया था कि नामजद इनामी आरोपितों की नासमझी के प्रमाण मिलने शुरू हो गए। जानकार सूत्र बताते हैं कि इनामी श्रद्धा दुबे भरोसा जीतकर भले ही शिवा शर्मा के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी, लेकिन उसके इरादे ठीक नहीं थे। सूत्रों यह भी बताते हैं कि आरोपित श्रद्धा करीब छह महीने से कुछ खतरनाक मंजर को अंजाम देने की योजना बना रही थी।
वारदात के बाद से अपनी बहन रश्मि, चालक तनवीर उर्फ दानिश और आरिफ नाम के शख्स के साथ मिलकर लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली श्रद्धा दुबे जैसे ही फरार हुई इस बात का पुलिस को भी संकेत मिल गया था कि कहीं न कहीं दाल में काला जरूर है, लेकिन पूर्व पुलिस अधिकारी उसके बचाव का भरसक प्रयास किया, लेकिन वह लोग इस हाई प्रोफाइल हत्याकांड पर पर्दा डालने में नाकाम साबित हुए। डीसीपी मध्य विक्रांत वीर पहुंच गए मुख्यालय तो इंस्पेक्टर हजरतगंज रहे विक्रम सिंह पहुंच गए लाइन।
घटना के बाद कदम-कदम पर की गई गलतियों ने पुलिस को भरोसा दिला दिया कि इस मामले में पेशेवर गिरोह शामिल नहीं, इसमें सिर्फ मुख्य आरोपित मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि, चालक तनवीर उर्फ दानिश और आरिफ ही मिलकर इस तरह का मानो एक तरह से गोरखधंधा चला रहे थे।
लखनऊ पुलिस यूपी एसटीएफ की मदद से फरार चल रहे सभी आरोपितों की गर्दन तक पहुंचने के लिए महाराष्ट्र के नागपुर पहुंची और वहां की स्थानीय पुलिस के सहयोग से धरदबोचा।
जांच पड़ताल में जुटे एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि फरार चल रहे सभी आरोपित सर्विलांस से बिल्कुल अनभिज्ञ थे, इसलिए वे कदम-कदम पर चूक कर पुलिस का काम आसान कर दिया। बताया जा रहा है कि पुलिस से बचने के लिए अलग से सिम खरीदा था, लेकिन वह इसका इस्तेमाल अपने पुराने सेट में ही कर रहे थे।
पल-पल की खबर दे रहा था आरिफ
बताया जा रहा है कि दूसरे दिन गिरफ्तार हुआ आरिफ पल-पल की खबर श्रद्धा दुबे को दे रहा था। बताया जा रहा है कि इस वह मास्टरमाइंड है और वही श्रद्धा को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की सलाह दी और यह भी बताया कि उनकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई है। पुलिस के आलाधिकारियों ने पहले 25-25 उसके बाद पचास-पचास हजार रुपए का इनाम घोषित किया तो मानो उन्हें लगा कि अब कोई हथकंडा काम नहीं आ सकता, लिहाजा पुलिस के सामने पेश होना ही बेहतर होगा, लेकिन योजना से पहले ही सभी आरोपित धर लिए गए।
24 अक्टूबर तक आरोपितों को अदालत से मिली रिमांड
मुख्य आरोपित श्रद्धा उगलेगी अहम राज
हाईप्रोफाइल कैफे संचालक शिवा शर्मा हत्याकांड के मामले में नागपुर से पकड़ी गई पचास हजार रुपए की इनामी मॉडल श्रद्धा दुबे के सीने में कई अहम राज दफन है। पुलिस को भरोसा है कि रिमांड पर लिए जाने के बाद श्रद्धा यह राज उगलेगी।
बताया जा रहा है कि पुलिस ने अदालत में रिमांड पर लेने के लिए अर्जी दी, जिस पर अदालत ने गिरफ्तार आरोपितों को 24 अक्टूबर तक के लिए ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस रिमांड पर लेने के बाद कई अहम चीजों की जानकारी हासिल करने की तैयारी में है। इस दौरान मुख्य आरोपित श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और चालक तनवीर उर्फ दानिश के सामने कई सवाल होंगे, जिनका जवाब देना तीनों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगी।





