लखनऊ। महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, लखनऊ के सातवें दीक्षांत समारोह में गुरुवार को 2279 विद्यार्थियों को डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए। समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शिक्षा के साथ रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अब पृथ्वी से आगे बढ़कर अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी काम करने की जरूरत है। उन्हें उम्मीद है कि विश्वविद्यालय रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने का काम करेगा।
कार्यक्रम में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य ऐसा होना चाहिए कि व्यक्ति मानवता की सेवा कर सके। उन्होंने भारत की प्राचीन शिक्षा परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि जब दुनिया के कई हिस्सों में शिक्षा की व्यवस्थित व्यवस्था नहीं थी, तब भारत में गुरुकुल हुआ करते थे। नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय भी भारत की समृद्ध शैक्षणिक परंपरा के उदाहरण हैं।
दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव, महर्षि संस्थान के उपाध्यक्ष राहुल भारद्वाज, कुलपति प्रो. भानु प्रताप सिंह, मुख्य वित्त अधिकारी वरुण श्रीवास्तव और कुलसचिव डॉ. गिरीश छिमवाल मंच पर मौजूद रहे।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों के इनोवेटिव प्रोजेक्ट देखकर की तारीफ
दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों की ओर से तैयार किए गए इनोवेटिव प्रोजेक्ट का मिनी एक्सपो भी लगाया गया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट देखे। एक्सपो में सामाजिक समस्याओं के समाधान से जुड़े प्रोजेक्ट, तकनीकी मॉडल, वैदिक विज्ञान पर आधारित प्रस्तुतियां और शोध कार्य प्रदर्शित किए गए।
प्रदर्शनी में सॉकर रोबो बोट जैसे तकनीकी प्रोजेक्ट के साथ महर्षि महेश योगी के जीवन, विचारों और योगदान से जुड़े शोध भी प्रस्तुत किए गए। इसके अलावा लाइव योग डेमो क्लास और एनीमेशन के विद्यार्थियों की ओर से तैयार ‘एनिम वर्स’ भी आकर्षण का हिस्सा रहे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी तकनीकी समझ, रचनात्मकता और नए विचारों को सामने रखा।
‘शिक्षा देना ही सबसे बड़ी समाजसेवा’
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने महर्षि संस्थान के विभिन्न विश्वविद्यालयों की ओर से किए जा रहे समाजसेवा के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रदान करना अपने आप में सबसे बड़ी सेवा है, लेकिन इसके साथ संस्थान लगातार समाजसेवा के अन्य कार्य भी कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर देगा।
राज्यपाल के इस संदेश में उच्च शिक्षा को केवल डिग्री और रोजगार तक सीमित न रखते हुए समाज की जरूरतों से जोड़ने पर जोर रहा। विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट और शोध कार्यों की प्रदर्शनी भी इसी दिशा में उनकी प्रतिभा और व्यावहारिक सोच को सामने लाने का अवसर बनी।
‘भारत में सदियों से रही है शिक्षा की समृद्ध परंपरा’
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अपने संबोधन में शिक्षा के सामाजिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य मानवता की सेवा करने योग्य बनाना है। भारत में गुरुकुल परंपरा और नालंदा-तक्षशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों का उल्लेख करते हुए उन्होंने देश की शैक्षणिक विरासत की याद दिलाई।
उनके संदेश का मुख्य जोर शिक्षा के माध्यम से ऐसे व्यक्तित्व तैयार करने पर रहा, जो अपने ज्ञान का उपयोग समाज और मानवता के हित में कर सकें।
जनभवन के 400 बच्चों के लिए टी-शर्ट भेंट
समारोह के दौरान समाजसेवा से जुड़ी एक पहल भी सामने आई। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जनभवन, उत्तर प्रदेश के 400 बच्चों के लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को टी-शर्ट भेंट की। यह पहल समारोह में शिक्षा के साथ बच्चों और समाज से जुड़े कार्यों के महत्व को भी सामने लाती है।
20 शोधार्थियों को पीएचडी, 1612 विद्यार्थियों को स्नातक की डिग्री
दीक्षांत समारोह में कुल 2279 विद्यार्थियों को डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए। इनमें 20 शोधार्थियों को पीएचडी, 324 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर और 1612 विद्यार्थियों को स्नातक की डिग्री दी गई। इसके अलावा 323 विद्यार्थियों को डिप्लोमा प्रदान किए गए।
डिग्री के साथ नए विचारों और शोध को बढ़ावा
दीक्षांत समारोह में डिग्री वितरण के साथ विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट और शोध कार्यों को मिली जगह ने उच्च शिक्षा में व्यावहारिक ज्ञान की अहमियत को भी सामने रखा। राज्यपाल और उच्च शिक्षा मंत्री के संबोधन में शिक्षा, समाजसेवा, रिसर्च और इनोवेशन को लेकर दिए गए संदेश ने विद्यार्थियों को नए क्षेत्रों में काम करने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज के हित में करने की दिशा दिखाई।





