November 3, 2026 9:06 pm

सआदतगंज में तिहरा हत्याकांड: चबूतरा से ज्यादा वर्चस्व की जंग

ए अहमद सौदागर लखनऊ। सआदतगंज के नौबस्ता स्थित ब्राम्हाणी टोला क्षेत्र में सेवानिवृत्त सचिवालय कर्मी 62 वर्षीय शिवाजी तिवारी, उनके 55 वर्षीय भाई शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी व शिवाजी के 30 वर्षीय बेटे सुयश तिवारी की गोलियों भूनकर हत्या व एक युवक पर फायरिंग की वजह वर्चस्व की जंग बताई जा रही है। चबूतरा के पास पार्किंग पर गाड़ी खड़ी करने का झगड़ा महज बहाना था।

बताया जा रहा है कि दिनदहाड़े तीन लोगों का खून बहाने वाला 30 वर्षीय कातिल ऋषभ शुक्ला जो मर्चेंट नेवी में अफसर बताया जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच पिछले कुछ दिनों से किसी न किसी बात को लेकर रंजिश चली आ रही थी। बताया जा रहा है कि शिवाजी तिवारी का आरोपी ऋषभ शुक्ला से ज्यादा परिवार संपन्न था जिसे लेकर ऋषभ को अखर रहा था। बताया जा रहा है कि पड़ोसियों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाने के दौरान ऋषभ ललकार रहा था कि मैं एक फोर्स का जवान हूं मेरा कोई… नहीं कर सकता।

सचिवालय से सेवानिवृत्त शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र उर्फ शंभू व बेटे सुयश तिवारी की हत्या की पड़ताल में जुटी पुलिस तह तक पहुंचने के लिए कई बिंदुओं पर गहनता से छानबीन कर रही है कि आखिर हत्या करने की असल वजह क्या है।

हालांकि जांच-पड़ताल में जुटे पुलिस के आलाधिकारियों का मानना है कि चबूतरे के पास वाहन खड़ी करने को लेकर कहासुनी के बाद हत्या किए जाने की आंशका है इसके बावजूद भी इस मामले में कई दिशाओं में पड़ताल की जा रही है।

पुलिस अफसर भले ही तरह-तरह की बयानबाजी कर रहे हों लेकिन कड़वा सच यह है कि नेवी अफसर ऋषभ शुक्ला के पास अवैध असलहा कहां से आया। ठीक उसी तर्ज पर 20 अगस्त 2026 को गोमतीनगर थाने से कुछ दूरी पर स्थित मिठाई वाला चौराहा पर बैंक अधिकारी दिव्या मिश्रा के पति मानस वाजपेई ने दिव्या की गोली मारकर हत्या करने के बाद अपनी बहन तूलिका की गोली मारकर हत्या कर खुद को मौत को गले लगा लिया था। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस तमाम कोशिशों के बावजूद अभी तक यह पता नहीं लगा पाई है कि आखिर मानस वाजपेई को असलहा कौन शख्स मुहैया कराया था।

जानकार बताते हैं कि पुलिस अधिकारी आसपास और मृतकों के कुछ करीबियों से बातचीत और अन्य तरीकों से तहकीकात में सामने आया कि झगड़े की असल वजह वर्चस्व की जंग थी या फिर कोई और बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनातनी चल रही थी।

खाली हाथ पहुंचे सिपाही कार्तिक ने आरोपी को असलहा सहित दबोच लिया

तीन लोगों के ऊपर बरस रही गोलियों की खबर मिलते पुलिस अधिकारी लेट लतीफ घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन सिपाही कार्तिक सबसे पहले पहुंच कर जान की परवाह किए बगैर एक साथ तीन खून बहाने वाले कातिल ऋषभ शुक्ला को दौड़ाकर दबोच लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ऋषभ शुक्ला गोलियों की बौछार कर रहा कि सिपाही कार्तिक ललकारते हुए दौड़ा। सिपाही को आगे बढ़ता देख कातिल घटना को अंजाम देकर भाग रहा था कि अपनी बहादुरी का परिचय देते हुए सिपाही कार्तिक अवैध असलहा सहित पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर तबाही का मंजर देख हर कोई सन्न रह गया। लोगों ने देखा कि सामने खून से लथपथ तीन लोग जमीन पर पड़े थे। यह माजरा देख मौके पर पहुंचे सिपाही ने इसकी सूचना अपने अफसरों को दी तब तक इलाके के लोग एकत्रित हो गए और आनन-फानन में पुलिस की मदद से घायलों को लेकर ट्रामा सेंटर पहुंचे जहां तीनों लोगों ने दम तोड़ दिया।

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