चले दामन के दाग धोने, छोटों पर ताबड़तोड़ गिर रही गाज
गोमतीनगर दोहरा हत्याकांड, हजरतगंज कैफे संचालक हत्या कांड या फिर सआदतगंज तिहरा हत्याकांड लापरवाही के बने गवाह
ए अहमद सौदागर लखनऊ। बीस अगस्त 2026- गोमतीनगर थाने से कुछ दूरी पर मिठाई वाला चौराहा पर बैंक अधिकारी मानस वाजपेई ने पत्नी दिव्या मिश्रा और बहन तूलिका वाजपेई की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद को उड़ाकर मौत को गले लगा लिया।
दस अक्टूबर 2026- हजरतगंज क्षेत्र के बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर 27 वर्षीय कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
26 अक्टूबर 2026- सआदतगंज क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्रह्मणी टोला में कार पार्किंग और बरगद के पेड़ के नीचे बने चबूतरा बनाने के विवाद में पड़ोस में रहने वाले ऋषभ शुक्ला ने सेवानिवृत्त सचिवालय कर्मी 62 वर्षीय शिवाजी तिवारी, उनके 55 वर्षीय भाई शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी व 30 वर्षीय बेटे सुयश तिवारी के ऊपर गोलियों की बौछार कर मौत के घाट उतार दिया।
किसी अधिकारी को यह पता चले कि उसके अधीनस्थ अफसर-कर्मचारी बेखौफ होकर लापरवाही बरतने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं तो आप का पहला सवाल होगा कि जब लापरवाही पकड़ी गई तो सजा क्या दी? लेकिन गोमतीनगर क्षेत्र में दिनदहाड़े गोलियों की बौछार कर बैंक अधिकारी मानस वाजपेई अपनी पत्नी दिव्या मिश्रा व बहन तूलिका की हत्या कर दी और खुद को भी गोली उड़ाकर मौत को गले लगा लिया था। इस सनसनीखेज मामले की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मचा और पुलिस कमिश्नर तरूण गाबा सहित कई पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू की। बड़ा सवाल यह है कि बेखौफ मानस वाजपेई मिठाई वाला चौराहा से लेकर हुसड़िया चौराहे तक गोलीबारी करता रहा, लेकिन स्थानीय पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
इस दोहरे हत्याकांड को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जोरों पर होती रही, जिम्मेदार आलाधिकारी जिम्मेदार स्टेशन अफसर पर मेहरबान होने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
यह तो दिव्या मिश्रा और तूलिका वाजपेई हत्याकांड का मामला है अब चलें हजरतगंज की ओर। बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर 27 वर्षीय कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में जब शोरगुल की आवाज दूर तलक पहुंची तो शासन ने डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को हटा दिया तो पुलिस कमिश्नर तरूण गाबा ने आनन-फानन में इंस्पेक्टर हजरतगंज रहे विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया।
इन वारदातों का मामला शांत भी नहीं पड़ा था कि सआदतगंज क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्रह्मणी टोला में रहने वाले मर्चेंट नेवी से निकाले गए ऋषभ शुक्ला ने चबूतरे के विवाद में पड़ोस में रहने वाले शिवाजी तिवारी, शिवेंद्र उर्फ शंभू तिवारी व सुयश तिवारी के सीने में गोलियों की बौछार कर मौत की नींद सुला दिया।
इस तिहरे हत्याकांड को लेकर लोगों ने आवाज उठाई तो पुलिस कमिश्नर तरूण गाबा ने इंस्पेक्टर सआदतगंज संतोष कुमार आर्य व चौकी प्रभारी कश्मीरी मोहल्ला उपनिरीक्षक अजय कुमार चौरसिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। सवाल है कि क्या सआदतगंज क्षेत्र के सर्किल अफसरों की जिम्मेदारी नहीं बनती थी? क्या वे क्षेत्र में नहीं निकलते? अगर निकलते हैं तो तीन सनसनीखेज वारदात हुई और पूर्व में शिकायत होने के बाद भी लापरवाही बरतते रहे? क्या एक संदिग्ध मौत बड़ी थी या फिर तीन लोगों की हत्या यह सवाल फिलहाल हर किसी को बेचैन कर रहा है?





