सड़क किनारे बैठे विक्षिप्त को इलाज के लिए पहुंचाया अस्पताल
ए अहमद सौदागर लखनऊ। सूबे की राजधानी में तैनात पुलिसकर्मियों पर समय-समय पर अक्सर अंगुलियां उठती रहती है कि खाकी वर्दी वाले बड़े बेरहम होते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है यही पुलिसवाले कभी-कभी लोगों के लिए मददगार बनकर सामने खड़ी होती है। सड़क या गलियों में चलने वाले राहगीर तो परेशान महिला और पुरुष की ओर देख निकल पड़ते हैं, लेकिन पुलिस ही ऐसी है जो कमजोर व मजलूमों का सहारा बनकर सामने खड़ी होती है। ऐसा ही एक मामला नाका हिंडोला थाना क्षेत्र में बुधवार को देखने को मिला जहां सड़क किनारे एक बुजुर्ग व्यक्ति कंपकंपा रहा था और वह कुछ बोल भी नहीं पाता था। इस विक्षिप्त बुजुर्ग की तस्वीर जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो पान दरीबा चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक अनिरुद्ध कुमार शुक्ला व उपनिरीक्षक रवि पाल सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उस परेशान शख्स के लिए खैरख्वाह बने। दोनों बहादुर उपनिरीक्षकों ने आनन-फानन में एंबुलेंस मंगवाया और उस विक्षिप्त शख्स को इलाज के लिए लोकबंधु अस्पताल भिजवाया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
वैसे तो कहा जाता है कि शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों में समाजसेवी संगठनों के लोग हर समय परेशान लोगों की मदद करने के लिए तत्पर रहते हैं, लेकिन नाका क्षेत्र में मिले विक्षिप्त शख्स की कोई भी संस्था या समाजसेवी संगठन सामने नहीं आई लिहाजा खाकी वर्दी वालों ने एक मिशाल कायम करते हुए उस परेशान बुजुर्ग के लिए मानो एक फ़रिश्ते के रूप में आ खड़े हुए। दोनों उपनिरीक्षकों ने जिस तरह से इंसानियत पेश की वह एक चर्चा का विषय बना हुआ है।





