November 6, 2026 3:33 am

उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों में सुचारू रूप से संपन्न हुई उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम की साक्षरता परीक्षा

भारत सरकार की टीम ने चन्दौली एवं जौनपुर में परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण

शिक्षा निदेशक बेसिक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने लखनऊ में परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण

 

 

न्यूज ऑफ इंडिया (एजेंसी) लखनऊ। उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत रविवार को प्रदेश के सभी 75 जनपदों में मूलभूत साक्षरता परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। परीक्षा में प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों, कारागारों एवं बाल सुधार गृहों में लगभग 5.10 लाख 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के शिक्षार्थियों ने प्रतिभाग किया। परीक्षा के माध्यम से शिक्षार्थियों में विकसित मूलभूत पढ़ने-लिखने तथा संख्यात्मक ज्ञान का आकलन किया गया।

 

प्रदेश में संचालित उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस साक्षरता परीक्षा के सुचारू संचालन, निरीक्षण एवं निगरानी के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं। भारत सरकार की टीम द्वारा जनपद चन्दौली एवं जौनपुर में उपस्थित रहकर परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया गया तथा परीक्षा संचालन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

 

प्रदेश स्तर पर साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा निदेशालय/राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश, लखनऊ मुख्यालय से भी अधिकारियों द्वारा विभिन्न जनपदों में पहुंचकर परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया गया। शिक्षा निदेशक बेसिक एवं साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा अनिल भूषण चतुर्वेदी ने जनपद लखनऊ, उप निदेशक, साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा नीलम ने जनपद प्रतापगढ़ तथा सहायक निदेशक प्रतिमा मिश्रा ने जनपद सोनभद्र में साक्षरता परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।

 

उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के असाक्षरों को मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान प्रदान कर उन्हें साक्षर बनाना है। कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं की 75 प्रतिशत तथा पुरुषों की 25 प्रतिशत भागीदारी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश में 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के कुल 10 लाख असाक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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