लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष श्रीमती आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा निकाली जा रही ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ यात्राएँ असल में प्रजातंत्र के विरुद्ध हैं, क्योंकि एसआईआर के माध्यम से देश और प्रदेश भर में करोड़ों वोट काट दिए गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन गोरखपुर में, पूर्व अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा बरेली में और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान लखनऊ में उतरे, जबकि गृह मंत्री अमित शाह हैदराबाद और करनाल में इसी अभियान का हिस्सा बने। कांग्रेस का आरोप है कि अमित शाह की उत्तर प्रदेश यात्रा और ज्ञानेश कुमार द्वारा वोट काटना, दोनों ही उत्तर प्रदेश में रेजिम चेंज (सत्ता परिवर्तन) के लिए हैं और इसके पीछे नरेंद्र मोदी व अमित शाह का हाथ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस वोट चोरों के खिलाफ प्रजातंत्र को बचाने की यह लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ रही है।
बाबा साहेब की चेतावनी का जिक्र
श्रीमती मिश्रा ने संविधान सभा में 16 जून 1949 को डॉ. भीमराव आंबेडकर के कहे शब्दों को याद करते हुए कहा—
“चुनाव आयुक्त का कार्यकाल निश्चित और सुरक्षित करने का कोई लाभ नहीं, यदि संविधान में किसी मूर्ख, धूर्त या सरकार के अंगूठे के नीचे काम करने वाले व्यक्ति को रोकने का प्रावधान न हो।”
वोट कटने और सरकारी योजनाओं के लाभ का मुद्दा
प्रेसवार्ता में बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उन बयानों का भी हवाला दिया गया, जिनमें एसआईआर के तहत नाम कटने वालों को सरकारी राशन, योजनाओं और सेवाओं के लाभ से वंचित करने की बात कही गई है।
आँकड़ों के जरिए खुलासे:
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के आँकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि प्रदेश की अनुमानित जनसंख्या 25.70 करोड़ है, जिसके हिसाब से लगभग 16.70 करोड़ (65%) मतदाता होने चाहिए। राज्य निर्वाचन आयोग की स्थानीय निकाय सूचियों के अनुसार भी कुल मतदाता 16,77,08,379 बैठते हैं। इसके मुकाबले ज्ञानेश कुमार द्वारा एसआईआर के बाद उत्तर प्रदेश में केवल 13,39,84,792 मतदाता ही रहने दिए गए, यानी लगभग 3.31 करोड़ (3,30,65,208) मतदाता कम कर दिए गए हैं।
साथ ही, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कार्यसमिति में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आँकड़ों का जिक्र करते हुए कहा गया कि प्रदेश में 16 करोड़ से अधिक मतदाता होने चाहिए, जबकि वर्तमान में 13 करोड़ हैं। 1,27,00,000 मतदाताओं के नाम गायब होना चिंताजनक है। पंचायत सूची में होने के बावजूद 66 लाख लोग विधानसभा सूची में नहीं हैं। सरकारी योजनाओं के लगभग 55 लाख लाभार्थी सूची से बाहर हैं। 18 और 19 वर्ष की आयु के साढ़े चार लाख युवाओं के नाम नहीं जुड़े हैं। दूसरे राज्यों से बहू बनकर आई महिलाओं के नाम भी सूचियों में नहीं हैं। 45 सीटें बहुत कम अंतर वाली हैं और शहरी निकायों की 28 सीटें कमजोर हो रही हैं।
अंत में आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने दोहराया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी एसआईआर के माध्यम से किसी भी कीमत पर वोट चोरी नहीं होने देगी और प्रजातंत्र की पुनर्स्थापना के इस संघर्ष में देश की जीत होगी।




