उन्नाव। (संवाददाता) खोखापुर 132 केवी सबस्टेशन के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते औरास क्षेत्र की करीब 2 लाख की आबादी को भीषण गर्मी में अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। बुधवार भोर पहर 4 बजे खोखापुर से औरास पावर हाउस आने वाली 33 केवी लाइन को फाल्ट के नाम पर बंद कर दिया गया, जिससे दोपहर 12 बजे तक आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। हैरान करने वाली बात यह है कि घंटों की पेट्रोलिंग के बाद भी पूरी लाइन पर कहीं कोई फाल्ट नहीं मिला। इसके बाद मौके पर पहुंचे जेई की खोखापुर सबस्टेशन के कर्मचारियों से तीखी नोकझोंक भी हुई।
खोखापुर सबस्टेशन से आई इस 33 केवी लाइन से औरास पावर हाउस के हाथीखेड़ा, जमाल नगर, परौरी और औरास कस्बा* सहित चार फीडरों को बिजली सप्लाई की जाती है। बुधवार सुबह 4 बजे सप्लाई बंद होने के बाद पावर हाउस के लाइनमैन ने औरास से खोखापुर सबस्टेशन तक पूरी लाइन की पेट्रोलिंग की, लेकिन कहीं कोई खराबी नहीं मिली। लाइनमैन की सूचना पर औरास पावर हाउस में तैनात जेई अम्बिका प्रसाद यादव खुद खोखापुर 132 केवी सबस्टेशन पहुंचे। जब उन्होंने वहां तैनात कर्मचारियों से बिना किसी फाल्ट के रोज-रोज औरास की लाइन बंद करने का कारण पूछा, तो कर्मचारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक की नौबत आ गई। इसके बाद जेई ने दबाव बनाकर खोखापुर सबस्टेशन से औरास की सप्लाई चालू कराई, तब जाकर दोपहर 12 बजे क्षेत्र की बिजली बहाल हो सकी।
एक महीने से चल रहा खेल, उपभोक्ताओं में आक्रोश
स्थानीय बिजली उपभोक्ता रामजी अवस्थी, कमलाशंकर गुप्ता, अनुराग, रंजीत, रामशंकर और रामनरेश आदि ने बताया कि पिछले करीब एक महीने से औरास क्षेत्र में यही खेल चल रहा है। खोखापुर सबस्टेशन से रोज 33 केवी लाइन को फाल्ट के नाम पर बंद कर दिया जाता है। बेचारे लाइनमैन दिनभर धूप में पूरी लाइन छान मारते हैं, लेकिन फाल्ट कहीं मिलता ही नहीं। उपभोक्ताओं ने खोखापुर सबस्टेशन के लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
इस संबंध में एसडीओ धर्मेंद्र राजपूत ने बताया कि 33 केवी लाइन को फाल्ट के नाम पर बंद किया गया था। लाइन की जांच कराने पर कहीं कोई फाल्ट नहीं पाया गया, जिसके बाद आपूर्ति को दोबारा बहाल करा दिया गया है। मामले की जांच कर उचित कदम उठाए जाएंगे।




