हत्याकांड का राजफाश, कातिल गिरफ्तार, नाबालिग पुत्र पुलिस संरक्षण में
जान लेने के बाद गोहरामऊ गांव के बाहर आम की बाग के पास नहर की पटरी पर फेंका था
घटना में इस्तेमाल खून से सना बांका बरामद
ए अहमद सौदागर लखनऊ। काकोरी थाना के गोहरामऊ गांव के बाहर आम की बाग के पास नहर की पटरी पर गुरुवार सुबह जिस 32 वर्षीय प्रेमा देवी की हत्या कर खून से लथपथ शव मिला था उसकी जान किसी गैर ने नहीं बल्कि उसी के पहले पति राजकुमार यादव पुत्र जमुना प्रसाद ने मृतका के नाबालिग बेटे के साथ मिलकर किया था। शुक्रवार को पुलिस ने खुलासा करते हुए मृतका के पहले पति राजू यादव को गिरफ्तार कर किया है। जबकि इस घटना में शामिल मृतका के नाबालिग बेटे को पुलिस संरक्षण में लेकर पूछताछ कर रही है।
शव की पहचान होने पर गोहरामऊ गांव निवासी प्रदीप यादव की तहरीर पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस सनसनीखेज मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अफसरों जल्द घटना का राजफाश करने के लिए निर्देशित किया था।
अपने अधिकारियों का फरमान मिलते ही इंस्पेक्टर काकोरी सतीश चन्द्र राठौर की टीम ने शुक्रवार को घटना का राजफाश करते हुए पहले पति काकोरी क्षेत्र स्थित सेमरामऊ गांव निवासी राजू यादव पुत्र जमुना प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया और नाबालिग बेटे को पुलिस संरक्षण में लेकर पूछताछ कर रही है।
बताया जा रहा है कि भुलई खेड़ा गांव निवासी 32 वर्षीय प्रेमा देवी की शादी करीब 18 वर्ष पहले आरोपी राजू यादव से हुई थी। उनका करीब 17 साल का बेटा है।
बताया जा रहा है कि प्रेमा देवी ने करीब दस माह पहले पड़ोस में रहने वाले प्रदीप यादव से कोर्ट मैरिज कर ली थी। उसके बाद से प्रेमा गोहरामऊ में दूसरे पति के साथ रहने लगी थी। इंस्पेक्टर काकोरी सतीश चन्द्र राठौर के मुताबिक पकड़ा गया राजू यादव ने पूछताछ में बताया कि उसकी पत्नी प्रेमा देवी ने धोखा देकर अपने प्रेमी प्रदीप यादव से शादी कर रहने लगी थी। आरोपी ने पुलिस को बताया कि इसके चलते उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल गई थी और लोगबाग मजाक उड़ा रहे थे। इसी के चलते सबक सिखाने के लिए प्रेमा को अपने नाबालिग बेटे के साथ मिलकर हत्या कर नहर की पटरी पर शव फेंकने की बात स्वीकार किया है। पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल आलाकत्ल बरामद कर लिया है।




