आजमगढ़ मार्टिनगंज। (संवाददाता) खेत की पैमाइश कराने के नाम पर खुलेआम रिश्वत लेने के मामले में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने कड़ा रुख अपनाया है।
भाकियू के जिला प्रभारी विनोद सिंह के नेतृत्व में एक ज्ञापन मार्टिनगंज तहसील की उपजिलाधिकारी (SDM) महोदया को सौंपकर आरोपी कानूनगो और संबंधित राजस्व कर्मियों के खिलाफ तत्काल निलंबन व विभागीय कार्रवाई की मांग की गई है।
क्या है पूरा मामला?
ज्ञापन के अनुसार, मार्टिनगंज तहसील क्षेत्र के आमगांव ब्लॉक निवासी पीड़ित किसान घनश्याम गौतम अपने खेत की पैमाइश कराने के लिए लंबे समय से तहसील के चक्कर काट रहे थे। उन्होंने तहसील दिवस में भी लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय राजस्व कर्मियों द्वारा उनसे अवैध धनराशि की मांग की गई।
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कानूनगो रामबचन यादव द्वारा पीड़ित किसान से 500-500 रुपये के आठ नोट (कुल 4000 रुपये) रिश्वत के रूप में लेते हुए स्पष्ट देखा जा सकता है। इस घटना से पूरी तहसील की कार्यप्रणाली और प्रशासन की साख पर सवाल खड़े हो गए हैं।
भाकियू ने दी आंदोलन की चेतावनी
भाकियू के जिला प्रभारी विनोद सिंह ने इस प्रकरण को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो आम जनता का प्रशासन से विश्वास उठ जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर त्वरित संज्ञान नहीं लिया गया, तो संगठन तहसील से लेकर जनपद स्तर तक व्यापक धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ज्ञापन में की गई मुख्य मांगें:
वायरल वीडियो की तत्काल निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
आरोपी कानूनगो रामबचन यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।
रिश्वतखोरी में शामिल अन्य संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर कठोर विभागीय व वैधानिक कार्रवाई हो।
पीड़ित किसान को न्याय दिलाते हुए उसके खेत की पैमाइश निष्पक्ष रूप से तुरंत कराई जाए।
भविष्य में किसानों के शोषण को रोकने के लिए तहसील स्तर पर प्रभावी भ्रष्टाचार विरोधी व्यवस्था लागू की जाए।




