November 6, 2026 5:12 am

पीजीआई: मकान के फर्जी कागज तैयार कर करा ली रजिस्ट्री,दो गिरफ्तार

20 हजार रुपए देखर गवाह तैयार किया

 

ए अहमद सौदागर लखनऊ। पीजीआई पुलिस ने मकान पर कब्जे के लिए फर्जी रजिस्ट्री कराने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने साजिश के तहत असली मालिक की जगह दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर रजिस्ट्री कराई। इतना ही नहीं, रजिस्ट्री में गवाही देने वाले एक आरोपी ने भी अपना असली नाम छिपाकर फर्जी नाम दर्ज कराया। इसके बदले उसे 20 हजार रुपये दिए गए थे।

मामला पीजीआई थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, झारखंड के जमशेदपुर निवासी रेखा ने 6 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके मकान पर धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए कब्जा किया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने वृंदावन योजना निवासी विशाल गुप्ता (38) को पूछताछ के लिए एल्डिको चौकी बुलाया।

पुलिस के मुताबिक, रजिस्ट्री की प्रमाणित प्रति दिखाकर पूछताछ करने पर विशाल ने बताया कि उसने रजिस्ट्री में गवाही की थी। हालांकि, उसने अपना असली नाम लिखने के बजाय चंदन सिंह पुत्र गिरिजाशंकर सिंह के नाम से पहचान दर्ज कराई थी। विशाल ने पुलिस को बताया कि उसे यह काम करने के बदले 20 हजार रुपये मिले थे। उसके मुताबिक, मो. आरिफ ने ही उसकी मुलाकात रजिस्ट्री कराने वाले व्यक्ति से कराई थी। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि इस पूरी रजिस्ट्री में मो.आरिफ की अहम भूमिका थी।

आरिफ ने कथित तौर पर बताया कि उसने विशाल को मेवालाल नाम के व्यक्ति से मिलवाया था।आरोप है कि मेवालाल के नाम पर असल में अनिल यादव को खड़ा कर फर्जी रजिस्ट्री कराई गई। आरिफ ने यह भी बताया कि रजिस्ट्री से मिलने वाली रकम उसी ने ली थी।पुलिस के मुताबिक,दूसरे गवाह पुनीत कुमार गुप्ता से भी इसी तरह गवाही कराई गई थी और उसे भी 20 हजार रुपये दिए गए थे। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार मो. आरिफ के खिलाफ हजरतगंज, विभूतिखंड और अलीगंज थानों में धोखाधड़ी, कूटरचना और जालसाजी से जुड़ी धाराओं में पहले से चार मुकदमे दर्ज हैं।

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