लखनऊ। (संवाददाता) राजधानी लखनऊ के महानगर कोतवाली क्षेत्र स्थित पेपर मिल पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा धनंजय सिंह द्वारा मुकदमे से नाम हटाने के नाम पर दो लाख रुपए की रिश्वत लेते बुधवार पकड़ा गया था। यह मामला शांत भी नहीं हुआ था कि अब प्रयागराज जिले में मत्स्य विभाग में अधिकारी के पद पर तैनात दीपांकर कुमार को एंटी-करप्शन टीम ने रंगे हाथों धरदबोचा।
बताया जा रहा है कि रिश्वतखोर जिला मत्स्य अधिकारी दीपांकर कुमार मछली पालन की फाइल पास कराने के लिए एक व्यक्ति से पचास हजार रुपए मांगे थे। लेकिन घूस की पहली किस्त 14 हज़ार रुपए लेते ही एंटी-करप्शन टीम ने रंगे हाथों पकड़ लिया।
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गौर करें तो दरोगा, इंस्पेक्टर या फिर अन्य विभागों में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तनख्वाह बड़ी होती है लेकिन इसके बावजूद सरकारी कर्मचारी भ्रष्टाचार के समन्दर में इस कदर डूबे हुए हैं कि वह इस गोरखधंधे से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। इससे पहले भी कई रिश्वतखोर एंटीकरप्शन टीम के हत्थे चढ़ चुकें हैं। फिर भी ये अपने नापाक इरादों से बाज नहीं आ रहे हैं।




