दो आरोपियों की तलाश जारी
ए अहमद सौदागर लखनऊ। सरोजनीनगर इलाके में प्लॉट बेचने के नाम पर 49.50 लाख रुपये ठगने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी इंद्रजीत गिरी (58) को बिजनौर पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया। उसके साथ नामजद दो आरोपियों की तलाश जारी है। उसने जिस महिला के हाथों प्लॉट बेचे थे, वह अब तक लोन की किस्त भर रही है।
इस मामले में बदाली खेड़ा की पूनम पाल ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी। पूनम ने बताया कि परिचित राम कृपाल वर्मा के जरिए उनकी मुलाकात आशियाना एलडीए कॉलोनी के इंद्रजीत गिरी से हुई थी। इंद्रजीत ने एलडीए कॉलोनी के सेक्टर-जी में दो प्लॉट (संख्या एसएस-887 और एसएस-888) को अपना बताकर बेच दिए थे। इंद्रजीत ने दोनों प्लॉट 24.50-24.50 लाख रुपये में पूनम को बेच दिए। इनकी रजिस्ट्री 15 दिसंबर 2015 को सरोजनीनगर के सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में हुई थी। बाद में जब पूनम ने प्लॉट पर निर्माण शुरू कराया, तो आनंद कुमार गौतम नाम का व्यक्ति वहां पहुंचा। उसने जमीन को अपना बताते हुए पुराने बिक्री दस्तावेज दिखाकर काम रुकवा दिया।
इसके बाद पूनम ने सब-रजिस्ट्रार ऑफिस से दस्तावेजों की सर्टिफाइड कॉपी निकलवाई। इसमें साल 2013 के पुराने कागजों में दर्ज फोटो और दस्तखत अलग मिले। पूनम ने गवाहों और पतों को भी फर्जी बताया। पूनम का कहना था कि उन्होंने प्लॉट खरीदने के लिए बैंक से लोन लिया था और उसकी किस्तें भर रही हैं। पूनम के मुताबिक, जब उन्होंने इंद्रजीत से पैसे वापस मांगे तो उसने जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पूनम ने 19 मई को डीसीपी दक्षिणी से शिकायत की। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर 12 अगस्त 2016 को इस मामले में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी इंद्रजीत की तलाश की और शुक्रवार रात उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में इंद्रजीत ने कबूल किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर साजिश रची थी। उसने फर्जी दस्तावेज तैयार किए और जमीन बेचकर मिले पैसे आपस में बांट लिए थे। फिलहाल, पुलिस ने इंद्रजीत गिरी को जेल भेज दिया है। इस मामले में नामजद ममता और राम गोपाल की तलाश अभी जारी है।




