August 8, 2026 2:56 am

एटीएस को मिली बड़ी कामयाबी: आईएसआई से जुड़ा आतंकी मुरादाबाद से गिरफ्तार 

पकडे गए आतंकी का था पाकिस्तान और अन्य देशों में बैठे हैंडलरों से संपर्क  

ए अहमद सौदागर लखनऊ। यूपी एटीएस ने आतंकी संगठन (आईएसआई ) से जुडे़ 19 साल के एक आतंकी को गिरफ्तार किया है। यह आतंकी पाकिस्तान और अन्य देशों में बैठे हैंडलरों के संपर्क में था। आरोपी बीडीएस द्वितीय वर्ष का छात्र है। वह इंस्टाग्राम और अन्य एप के जरिए ग्रुप बनाकर लोगों की भर्ती कर रहा था। उन्हें आईएसआई से जुडी सामग्री और जानकारियां दे रहा था। पुलिस टीम ने आरोपी को मुरादाबाद से पकड़ा है।

यूपी एटीएस को जानकारी मिली कि यूपी सहित भारत के अन्य राज्यों में के कुछ लोग प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआई के आतंकी मॉड्यूल के सक्रिय सदस्य के रूप में काम कर रहे हैं। इसके बाद फिजिकल और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलान्स से एक आतंकी की पुष्टि की गई और लखनऊ में केस दर्ज करने बाद आरोपी को मुरादाबद से पकड़ा गया। वह मूल रूप से सहारनपुर के मोहल्ला मानक मऊ का रहने वाला है।

एटीएस की माने तो पकड़ा गया आरोपी लोगों को आईएसआई की आतंकी जिहाद की विचारधारा से जोड़ना चाहता था और भारत सहित पूरे विश्व में शरिया आधारित खिलाफत व्यवस्था को स्थापित करना चाहता था। इसके लिए वह इंस्टाग्राम और अन्य एप पर ग्रुप बनाकर लोगों को जोड़ रहा था। आरोपी भारत में आईएसआई को मजबूत करने के लिए प्रचार-सामग्री और सैद्धांतिक विचारों और निर्देशों को साझा कर रहा था। ये लोग भारत में आईएसआई के झंडे तले बड़ी आतंकी साजिशों को अंजाम देने के लिए सुनियोजित षड्यंत्र कर रहे थे। आरोपी अपने साथियों और आईएसआई मॉड्यूल के हैंडलरों के साथ जुड़कर चुनी गयी लोकतांत्रिक सरकार गिराकर, खिलाफत व्यवस्था के अंतर्गत शरिया कानून लाना चाहता था।

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पकड़ा गया आरोपी हारिश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इस्टाग्राम पर अलग-अलग नाम से वीपीएन के जरिए आईएसआई समर्थित ग्रुप बनाए थे। इनमें ज्यादा से ज्यादा अपने जैसे विचार वाले लोगों को जोड़ रहा था। वह आईएसआई की मीडिया चैनलो की पत्रिकाओं, प्रचार-प्रसार की सामग्रियों, इसकी सैद्धांतिक आतंकी विचारधाराओं और इसके मारे गए आतंकियों के फोटो, वीडियो शेयर करता था। हारिस का नेटवर्क भारत के साथ साथ पाकिस्तान तथा विदेश के अन्य आईएसआई हैंडलरों के साथ भी था। भारत में आईएसआई के आतंकी मंसूबो को मजबूती से पूरा करने के लिए हारिस ने अपना एक पृथक ग्रुप “अल इत्तिहाद मीडिया फाउंडेशन” भी बनाया था। वह आईएसआई के सक्रिय सदस्य के रूप मे आईएसआई के मीडिया एवं न्यूज चैनल अल-नाबा तथा उसकी प्रोपेगेंडा मैगजीन दबिक का अनुसरण करता था। हारिश ने बताया कि वह लोकतांत्रिक व्यवस्था को नहीं मानता है और शरिया कानून लागू कर खिलाफत व्यवस्था, जो आईएसआई का एक मात्र उद्देश्य है, को जंग-ए-जेहाद कर स्थापित करना चाहता था, जिसके लिए वह ग्रुप्स मे लोगो को फिदायीन हमले करने के लिए प्रेरित करता था। हारिस को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जांच जारी है।

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