आधा दर्जन तस्कर गिरफ्तार, 1.20 लाख ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद
बरामद नशीली दवाओं की कीमत 71 लाख 44 हजार 180 रुपए
ए अहमद सौदागर लखनऊ। सरोजनीनगर थाना क्षेत्र के के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक गोदाम में छापेमारी कर वहां से नशीली दवाओं की बड़ी खेप की सप्लाई होने से पहले एएनटीएफ यूनिट लखनऊ और संबंधित विभाग की संयुक्त टीम ने बड़े संजाल का खुलासा किया है। टीम ने मौके से 9.60 लाख एल्जोमैक-0.5 (अल्प्राजोलाम) टैबलेट, 1.20 लाख स्पैसमोनाम प्लस (ट्रामाडोल एचसीएल) कैप्सूल और कोडीन युक्त ओनेरेक्स 100 एमएल कफ सिरप की 720 बोतलें बरामद की हैं। मौके से सात मोबाइल फोन और 11,140 रुपए नकद भी मिले हैं। मामले में छह आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। एएनटीएफ टीम के मुताबिक बरामद नशीली दवाओं की कीमत 71 लाख 44 हजार 180 रुपए बताई जा रही है।
एएनटीएफ यूनिट लखनऊ को शुक्रवार को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि सरोजनीनगर थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कन्हैया फार्मा के पास से नशीली दवाओं की बड़ी खेप कहीं सप्लाई होने जा रही है।
इसी सूचना पर एएनटीएफ टीम के प्रभारी उपनिरीक्षक सूरज सिंह हेड कांस्टेबल दीपक कुमार, हेड कांस्टेबल सौरभ कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल मोहम्मद तारिक, हेड कांस्टेबल संगम पटेल, हेड कांस्टेबल खालिद खां, हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार, हेड कांस्टेबल पीयूष कुमार सिंह, कांस्टेबल अमरजीत कुमार, महिला कांस्टेबल प्रतिमा शुक्ला के अलावा औषधि निरीक्षक विवेक कुमार सिंह व औषधि निरीक्षक संदेश मौर्या के साथ मौके पर पहुंचे और छापेमारी कर मौके से छह तस्करों को धरदबोचा। बताया जा रहा है कि तस्कर कार्टून और बोरियों में नशीली दवाओं को छिपा रहे थे। एएनटीएफ टीम के मुताबिक पकड़े गए तस्करों ने पूछताछ में अपना नाम अमीनाबाद के मकबूल गंज निवासी किशन वासवानी, राजेपुर कानपुर देहात निवासी समीर अहमद, मदयेगंज क्षेत्र के खदरा निवासी शाद इरशाद, एलडीए कालोनी आशियाना निवासी उमेश कुमार, आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र स्थित अहिरौली निवासी सतेन्द्र सिंह व आलमबाग क्षेत्र के राजाजीपुरम निवासी विशाल चौरसिया बताया। एएनटीएफ टीम के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया इनका एक संगठित होकर है जो नशीली दवाओं को अवैध तरीके से सप्लाई करते हैं और मुनाफा होने पर आपस में बांटकर एशो-आराम करने की बात स्वीकार किया है।
कन्हैया फार्मा से कनेक्शन होने की बात आई सामने
एएनटीएफ टीम ने बताया कि पूछताछ में आरोपी किशन वासवानी और समीर अहमद ने बताया कि ये दवाएं कन्हैया फार्मा के संचालक उमेश कुमार से ली गई थीं। इसके बाद टीम ने उमेश कुमार और सतेन्द्र सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया।
जांच में एएनटीएफ के मुताबिक सामने आया कि उमेश कुमार कथित तौर पर सतेन्द्र सिंह की फर्म के दस्तावेजों का इस्तेमाल नशीली दवाओं की बिलिंग के लिए करता था। इसके बदले सतेन्द्र को कमीशन दिया जाता था।
बताया जा रहा है कि औषधि विभाग की जांच में कन्हैया फार्मा में प्रॉक्सीमेक-एसपीएएस कैप्सूल के 1,116 डिब्बों समेत सात प्रकार की दवाओं का भंडारण मिला। टीम के मुताबिक फर्म संचालक दवाओं की खरीद-बिक्री से जुड़े पूरे अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सका। इसके बाद कन्हैया फार्मा को सील कर दिया गया। एएनटीएफ यूनिट मामले की छानबीन कर रही है।




