लखनऊ। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पिछड़ा वर्ग विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिंद ने केंद्र सरकार पर जातिगत जनगणना को लेकर नीयत साफ न होने का आरोप लगाया है। उन्होंने आगामी जनगणना के प्रश्न संख्या 10 में ‘ओपन-एंडेड’ विकल्प को दोषपूर्ण बताते हुए मांग की है कि मौजूदा प्रश्नावली को तुरंत निरस्त किया जाए और तेलंगाना व बिहार की तर्ज पर प्रमाणित ‘ड्रॉपडाउन सूची’ के आधार पर पारदर्शी तरीके से नई जनगणना कराई जाए।
डॉ. जयहिंद के अनुसार, ओपन-एंडेड विकल्प से एक ही जाति के अलग-अलग नाम, उपनाम और वर्तनी (स्पेलिंग) दर्ज होने के कारण डेटा अनुपयोगी हो जाएगा। इसका सबसे अधिक नुकसान ओबीसी और ईबीसी वर्गों को होगा, जिससे उनकी वास्तविक आबादी, आरक्षण के न्यायसंगत वितरण और कल्याणकारी योजनाओं में उनकी सही हिस्सेदारी का आंकलन कमजोर पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी 2021 से ही सही तरीके से जातिगत जनगणना कराने की मांग कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस विषय में प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखे हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए मांग की है कि फरवरी 2027 में पूरे देश में जनगणना शुरू होने से पहले प्रारूप में जरूरी सुधार किए जाएं।




