November 6, 2026 5:48 pm

लखनऊ में IPS शैलेन्द्र प्रताप सिंह की तीन पुस्तकों का विमोचन, कैफ़ी आज़मी एकेडमी में जुटे साहित्य प्रेमी

लखनऊ। कैफ़ी आज़मी एकेडमी में अवकाश प्राप्त आई पी एस शैलेन्द्र प्रताप सिंह की हाल ही में प्रकाशित तीन पुस्तकों का विमोचन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। आयोजन इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हालैंड हाल एलुमनी असोसिएशन द्वारा किया गया। विमोचन के बाद शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि इन तीन पुस्तकों में एक उनके गाँव से जुड़ी है और दो यात्रा वृत्तांत हैं। गाँव की चर्चा करते हुए उन्होंने सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के कई अनछुए प्रसंगों की चर्चा की। विदेश यात्राओं में उन्होंने अफ्रीका और जापान की यात्राओं की चर्चा की।

पत्रकार शीतल पी सिंह ने शैलेंद्र प्रताप सिंह के लेखन की प्रशंसा करते हुए बताया कि शैलेंद्र जी रोज लिखते हैं। सोशल मीडिया में सक्रिय रहते हैं और गाँव से बाहर रहते हुए भी गाँव से जुड़े रहते हैं। मसाईमारा और जापान यात्राओं की चर्चा करते हुए उन्होंने वहाँ के ए क्यू आई की चर्चा की और वहाँ की स्वच्छता की प्रशंसा की।

पत्रकार राजीव रंजन ने शैलेंद्र प्रताप सिंह को पुस्तकों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि वे शैलेंद्र प्रताप जी की फेसबुक पोस्ट से जान जाते हैं कि अगली पुस्तक कौन सी होगी। जैसे अब स्पष्ट है कि उनकी अगली पुस्तक बुद्ध पर होगी। शैलेन्द्र जी अब तक बीस देशों की यात्रा कर चुके हैं। वे आगे भी यात्राएँ करें और किताबें लिखे, मेरी शुभकामनाएं हैं।

अवकाश प्राप्त आई पी एस बद्री प्रसाद सिंह ने शैलेंद्र प्रताप सिंह से 1970 से जारी अपने संबंधों को याद किया। सेवा काल के समय के दिनों को भी उन्होंने सिलसिलेवार याद किया। बद्री प्रसाद सिंह ने बताया कि शैलेंद्र प्रताप जी राजनीति शास्त्र के विद्यार्थी जरूर रहे हैं लेकिन असल में ये एक दार्शनिक हैं। उन्होंने मसाईमारा के पर्यावरण प्रेम की भी जानकारी दी।

पत्रकार आलोक जोशी ने भी शैलेंद्र प्रताप सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।

अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए प्रसिद्ध पत्रकार उर्मिलेश ने कहा कि हम पुराने दौर के इलाहाबादी हैं। शैलेन्द्र जी का लिखने का अपना अंदाज है। संस्मरण और यात्रा वृत्तांत दो प्रमुख विधाएँ हैं जो हमें इतिहास से जोड़ती हैं। ये जरूरी लेखन की विधाएँ हैं। ये यात्राएं सिर्फ भूगोल की यात्राएं ही नहीं हैं, इनमें पूरा समाज है। आज का समय ए आई की ओर बढ़ रहा है। हमें भी उसे गंभीरता से लेना चाहिए। लेकिन इस बदलते समय में भी हमें ग्रंथों को पढ़ना चाहिए।

कार्यक्रम का संचालन हालैंड हाल एलुमनी असोसिएशन के सचिव सुधीर सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डायमंड जुबली छात्रावास के पूर्व अंतःवासी नलिन रंजन सिंह द्वारा किया गया।

इस अवसर पर खचाखच भरे सभागार में तमाम साहित्य प्रेमी और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कई पुराने छात्र उपस्थित रहें।

67
Default choosing

Did you like our plugin?

error: Content is protected !!