न्यूज ऑफ इंडिया (एजेंसी) लखनऊ/गया, बिहार। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को बोधगया, गया, बिहार में आयोजित इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आई.एफ.डब्ल्यू.जे.) के 132वें राष्ट्रीय परिषद सत्र को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने देशभर से उपस्थित पत्रकारों एवं पत्रकारिता जगत से जुड़े प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पत्रकार समाज के विभिन्न वर्गों की आवाज को सामने लाने के साथ-साथ जनसमस्याओं, जनभावनाओं और जनहित के विषयों को शासन एवं व्यवस्था तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आई.एफ.डब्ल्यू.जे. के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के. विक्रम राव जी पत्रकारों की बुलंद आवाज थे। भारतीय पुलिस सेवा में चयन के बाद भी उन्होंने अफसर की कुर्सी के बजाय पत्रकार की कलम चुनी। उनकी पावन स्मृतियों को सादर नमन!
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों के संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और जनहित के विषयों को व्यापक मंच प्रदान करने का सशक्त माध्यम है। पत्रकार अपनी लेखनी और संवाद के माध्यम से समाज में घटित घटनाओं, उपलब्धियों, चुनौतियों और जनसरोकारों को सामने लाते हैं। ऐसे में पत्रकारों की स्वतंत्र, तथ्यपरक, जिम्मेदार और जनोन्मुख पत्रकारिता लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाती है।
श्री मौर्य ने कहा कि बदलते दौर में पत्रकारिता के स्वरूप में व्यापक परिवर्तन आया है। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ डिजिटल एवं सोशल मीडिया ने समाचारों के प्रसार को अत्यंत तीव्र बनाया है। इस दौर में तथ्यपरक एवं विश्वसनीय सूचनाओं का महत्व और बढ़ गया है। पत्रकारों के लिए आवश्यक है कि वे समाचारों की सत्यता, तथ्य और जनहित को प्राथमिकता देते हुए अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों, गांवों, किसानों, श्रमिकों, महिलाओं, युवाओं तथा समाज के वंचित और कमजोर वर्गों से जुड़े विषयों को प्रमुखता से सामने लाने में स्थानीय और जमीनी पत्रकारों की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज भी व्यापक स्तर तक पहुंचती है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज को सही सूचना उपलब्ध कराना और जनहित के विषयों पर सार्थक संवाद को आगे बढ़ाना है। लोकतंत्र के सभी स्तंभों और संस्थाओं के बीच संवाद जितना सशक्त होगा, लोकतांत्रिक व्यवस्था उतनी ही प्रभावी होगी। उन्होंने पत्रकारों से जनविश्वास को बनाए रखते हुए तथ्य, सत्य और सामाजिक सरोकारों को केंद्र में रखकर पत्रकारिता को निरंतर मजबूत करने का आह्वान किया।
श्री मौर्य ने आई.एफ.डब्ल्यू.जे. के 132वें राष्ट्रीय परिषद सत्र के सफल आयोजन के लिए आयोजकों एवं देशभर से आए पत्रकार प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं दीं और पत्रकारिता जगत के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।




