बच्चों के स्कूल से आने के बाद घटना की हुई जानकारी
मदारीपुर गांव में हुई वारदात से इलाके में फैली सनसनी
पुलिस अधिकारी मामले की जांच-पड़ताल करने में जुटे
ए अहमद सौदागर लखनऊ। मड़ियांव में बुजुर्ग की हत्या, कृष्णानगर में मजदूर व महिला की हुई हत्या के मामले में पुलिस किसी नतीजे पर पहुंच भी नहीं पाई थी कि बीकेटी थाना क्षेत्र स्थित मदारीपुर गांव निवासी 35 वर्षीय आशीष प्रजापति ने अपनी 30 वर्षीय पत्नी छमता की हत्या कर फांसी के फंदे पर लटकर जान दे दी। घटना की जानकारी मंगलवार को उस समय हुई जब बच्चे स्कूल से घर लौटे। माता-पिता की दशा देख मासूम बच्चे चीख पड़े। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और वहां का मंजर देख इसकी सूचना पुलिस को दी।
खबर मिलते ही सहायक पुलिस आयुक्त बीकेटी व इंस्पेक्टर बीकेटी सहित कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। छमता का शव चारपाई पर था, जबकि आशीष का शव कमरे में फांसी के फंदे से लटका रहा था। एसीपी बीकेटी के मुताबिक जांच पड़ताल में सामने आया है कि दंपति के बीच कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। उन्होंने बताया कि आंशका जताई जा रही है कि हमेशा की तरह मंगलवार को भी पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई। पुलिस मामले की छानबीन कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बीकेटी थाना क्षेत्र स्थित मदारीपुर गांव निवासी आशीष प्रजापति अपनी 30 वर्षीय पत्नी छमता व दो बच्चों के साथ रहते थे। बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर करीब दो बजे आशीष प्रजापति और छमता के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई है। आंशका जताई जा रही है कि दंपति के बीच बात इतनी बढ़ गई कि आशीष प्रजापति पत्नी की जान लेने के बाद खुद को मौत को गले लगा लिया। जांच पड़ताल में जुटे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इससे इन्कार नहीं किया जा सकता लिहाजा इस मामले में कई बिंदुओं पर गहनता से छानबीन की जा रही है। वहीं पुलिस का यह भी कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि मौत कैसे हुई है।
बच्चों के स्कूल से आने के बाद घटना की हुई जानकारी
बताया जा रहा है कि दंपति का दस वर्षीय बेटा व आठ वर्षीय बेटी आदर्श सरस्वती शिक्षा मंदिर में पढ़ते हैं। मंगलवार सुबह मां छमता अपने जिगर के टुकड़ों को खाना-पीना खिलाने और उन्हें टिफिन दे कर स्कूल भेजा, लेकिन उन मासूमों को क्या पता था कि माता-पिता से अब कभी मुलाकात नहीं होगी। दोनों मासूम बच्चे हंसते-खेलते स्कूल से घर की दहलीज पर कदम रखा तो वहां का मंजर देख बौखला गए। माता-पिता की दशा देख दोनों बच्चे चीख-पुकार करते हुए घर के बाहर निकले। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और इसकी सूचना पुलिस को दी।
एसीपी बीकेटी के मुताबिक जांच पड़ताल में सामने आया है कि दंपति में किसी न किसी बात को लेकर अक्सर कहासुनी होती रहती थी। पुलिस इस मामले में कई बिंदुओं पर गहनता से छानबीन कर रही है।
इससे पहले भी हो चुकी हैं इस तरह की योजनाएं
बीस मार्च 2026 को बंथरा थाना क्षेत्र के नीवा गांव में रहने वाले 55 वर्षीय नारायण चौरसिया ने अपनी 52 वर्षीय पत्नी तारावती और 30 वर्षीय बेटे संदीप ने जहरीला पदार्थ खा लिया था।
यही नहीं 11 मई 2024 को रामपुर जिले एक शख्स ने तीन बच्चों, मां पत्नी की हत्या कर खुद को गोली मारकर जान दे दी।
30 दिसंबर 2021 को मड़ियांव क्षेत्र में कारोबारी साठ वर्षीय मैथ्यू जोसेफ व उनकी 58 वर्षीय पत्नी लूसी मैथ्यू ने करोड़ों के कर्ज में डूबकर खुदकुशी कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
18 जनवरी 2022 को आलमबाग क्षेत्र के बड़ा बरहा कालोनी में रहने वाले सुशील कुमार ने लोहे की राड से वारकर अपनी 32 वर्षीय पत्नी मीरा की हत्या कर दी।
28 जनवरी 2025 को नाका हिंडोला थाना क्षेत्र स्थित शरणजीत होटल में ठहरे मोहम्मद बदर व उसके बेटे अरसद ने मिलकर पत्नी असमा व चार बेटियों की हत्या कर सनसनी फैला दी थी। यह तो महज बानगी भर है और कईयो ने मामूली कहासुनी के बाद अपनों का खून बहा चुके हैं।





