लखनऊ। जनपद गोंडा में रेक्सड़िया, करनैलगंज के बर्तन कारोबारी स्व0 विनोद साहनी की निर्मम हत्त्या पर उनके पीड़ित परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त करने जा रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री अजय राय जी पूर्व मंत्री, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक श्री अखिलेश प्रताप सिंह जी सहित उनके साथ जा रहे दर्जनों कांग्रेसजनों को बाराबंकी टोल प्लाजा के पास भारी
पुलिस बल द्वारा रोककर गिरफ्तार कर लिया गया एवं पुलिस द्वारा मसौली थाने पर ले जाया गया। इसकी जानकारी मिलने पर पर अगल बगल के जनपदों के कांग्रेसजन मसौली थाने पहुंचने लगे, जहां रास्ते में पुलिस द्वारा कांग्रेेसजनों को हाईवे पर ही रोक लिया गया। थाने पर पहुंचे सैंकड़ों की संख्या में कांग्रेसजनों द्वारा प्रदेश सरकार और प्रशासन की इस तानाशाही के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया गया।
उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय राय जी पूर्व मंत्री ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि क्या किसी पीड़ित के घर जाकर संवेदना व्यक्त करना कोई गुनाह है, किसके आदेश पर उनको रोका गया और अगर ऊपर से आदेश है तो क्यों नहीं दिखाया गया। क्या पुलिस को ऊपर से बिना लिखापढ़ी के आदेश दिया जाता है। प्रदेश में लगातार ध्वस्त कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराध की भेंट चढ़ रहे गरीब, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक, व्यापारी वर्ग के लोगों के घर जाकर उनके दुःख-दर्द में शामिल होने पर प्रदेश सरकार इतना भयभीत क्यों हो जाती है? आखिर योगी सरकार पीड़ितों के घर जाने से क्यों रोक रही है? किस बात का डर प्रदेश सरकार को है? उन्होने कहा कि योगी सरकार पूरी तरह डरी हुई है और प्रदेश में कानून व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल है। अपनी विफलता को छिपाने के लिए वह रास्ता रोकने का काम कर रही है। सरकार को मुझे रोकने के बजाय अपराध रोकने पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होने कहा कि वह जननायक श्री राहुल गांधी जी के सिपाही हैं जिनका मंत्र है कि जहां कहीं पीड़ा होगी वहां कांग्रेस पार्टी के नेता दिखाई देंगे, न डरेंगे और न ही सत्ता की तानाशाही के सामने झुकेंगे। उन्होने कहा कि उन्हें पीड़ितों से मिलने से कोई रोक नहीं सकता है। जिस प्रकार पिछड़े वर्ग के निषाद समुदाय के बर्तन कारोबारी विनोद साहनी की गोली मारकर नृशंस हत्या की गयी है यह बहुत ही दुःखद है। जिस प्रकार विनोद साहनी की हत्या की गयी है उससे साबित हो गया है कि प्रदेश में कानून और व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। अपराधियों को सरकार का वैचारिक संरक्षण प्राप्त है इससे उनका मनोबल बढ़ा हुआ है, रोज हो रही हत्या, बलात्कार एवं लूट यह बताने के लिए काफी है कि प्रदेश में जंगलराज कायम है। इज्जत बचाने के लिए योगी सरकार के मंत्री विपक्ष के धरने में शामिल होकर कार्यवाही की मांग करने के लिए मजबूर हैं उनसे कहना चाहता हूं कि वे विपक्षी के धरने मेें शामिल होने के बजाए उन्हें सरकार पर दबाव बनाने का काम करना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के साथ प्रमुख रूप से अ0भा0 कंाग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह, पूर्व विधायक धीरेन्द्र सिंह धीरू, पूर्व विधायक राम प्रताप सिंह, पूर्व विधायक इंदल रावत, देवेन्द्र निषाद, सलमान बशर, आसिम वकार, अब्दुल्ला शेर खान, सुरेन्द्र यादव, राजेश जायसवाल, राम निहाल निषाद, कुलदीप दिवाकर, अनामिका यादव, शिवलाल कोरी, शिवेन्द्र सिंह, हसीब खान, संजय सिंह, जयंत गौतम, त्रिलोकीनाथ तिवारी, अब्दुल रहमान घोसी, दुर्गविजय सिंह मान, राकेश पाण्डेय, प्रमोद मिश्रा, इफ्तिखार अंसारी, सुमन प्रजापति, हुस्न आरा, सुनीता रावत, विभा त्रिपाठी, पुष्पा यादव आदि सैंकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन शामिल रहे।





