उन्नाव औरास। (संवाददाता) राजधानी लखनऊ से सटे जनपद उन्नाव के थाना औरास अंतर्गत ग्राम पंचायत नसीरपुर समद के निमिर्चा गांव में एक सरकारी तालाब (सरकारी अभिलेख 166 में दर्ज) ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है। लगभग पांच बिस्वा में फैले इस तालाब पर अब केवल तीन बिस्वा जमीन ही नजर आती है, जबकि बाकी हिस्से में गंदगी, कूड़ा-करकट और बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है। नीचे गहरा पानी और ऊपर उगी घास के कारण चरने गए मवेशी अक्सर इसमें फंस जाते हैं, जिससे अब तक कई जानवरों की जान जा चुकी है। इतना ही नहीं, इसमें डूबने से कई बच्चे भी दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं।
तालाब में पनप रही भारी गंदगी और दूषित पानी से गांव में मलेरिया, टाइफाइड, डायरिया, खांसी, जुकाम और बुखार जैसी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, जिससे महिला-पुरुष और बच्चे सभी परेशान हैं।
शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा सफाई न कराए जाने की शिकायत उप-जिलाधिकारी (SDM) से लेकर संपूर्ण समाधान दिवस तक की गई, लेकिन आज तक कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर जांच करने नहीं पहुंचा।
ग्रामीणों ने की मैरिज हॉल बनाने की मांग
समस्या से आक्रान्त होकर जिला पंचायत सदस्य बबलू यादव, रामचरण, राकेश, रामविलास, राजू बाबा, गजोधर, राजपाल, जगतपाल, भैया लाल, श्रीपाल, मुकेश, अंजनी, रामबेटी, शिवकुमारी, शिव देवी, सुशीला, जगन, रजनी और पार्वती समेत तमाम ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से निम्नलिखित मांगें की हैं:
सफाई व सौंदर्यीकरण: तालाब की खुदाई कराकर पूरी सफाई कराई जाए।
वैकल्पिक समाधान (मैरिज हॉल): यदि सफाई संभव न हो, तो तालाब को मिट्टी से पटवाकर चारों तरफ बाउंड्री वॉल कराई जाए और वहां एक सार्वजनिक ‘मैरिज हॉल’ का निर्माण कराया जाए, ताकि गरीब परिवार अपनी बेटियों की शादी, मुंडन व अन्य धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम आसानी से संपन्न करा सकें।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले का संज्ञान लेकर जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच कराने व समस्या का स्थाई निस्तारण करने की गुहार लगाई है।





